गाँव में हर घर में घरेलु चिड़ियाए (गौरैया ) होती ही होती हैं
लेकिन आज सुबह 3:48 ( 5 May 2025) पे इतनी तेज आंधी और बारिश आती हैं
मुझे लगता हैं ये आंधी और बारिश इन चिड़िया के लिए ही आई थी
सुबह जब में उठा मेरे आँगन में लगभग 15 से ज्यादा चिड़ियाए सोई पड़ी थी
कोई जो अपनी आखिरी सांस ले चुकी थी
और कोई जो अपनी आखिरी जंग लड़ रही थी
सुबह सुबह बड़ा दुख हुआ की एक ही रात में सारी चिड़ियाए (जो रात को हमारे घर के अन्दर एक नीम के ऊपर बैठी हुई होती थी)जो आखिरी सांस ले चुकी
इन चिड़ियाओ में से काफ़ी सारे चिड़ियाओ के छोटे छोटे बच्चे जो अभी भी झोपड़ी के अंदर ची चिं चिं चिं चिं........ अपनी माँ को पुकार रहें हैं
वैसे अब ये चिड़ियाए विलुप्त होने के कंगार पे हैं पहले की तुलना में बहुत कम नजर आती हैं
ये सिर्फ मेरे घर की बात हैं हर गाँव में कितने घर होंगे
उनके अंदर कितनी चिड़ियाए होंगी
कितनी जो इस आंधी से अपनी आखिरी सांस ले चुकी होंगी
कितनी जो अपने बच्चों को छोड़ के चली गई होंगी
इंसान हो या जानवर या कोई पक्षी
किसी की एक दम से इतनी मौते देख के कैसा लगता होगा 😭


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