ना घर का ठिकाना है ना हमारे गाँव का अता पता है
कोई बतायेगा प्रताप के इन सैनिकों की क्या ख़ता है?
हाथो के हुनर ओर मज़बूत जिगर के सहारे हम ना केवल आजीविका कमा कमा रहे बल्कि देश के किसानों की के कृषि औज़ार बना रहे हैं जो शायद आज भी फ़ैक्ट्री के काम नहीं लिए जाते।

0 टिप्पणियाँ